भरी-भरी सुनहरी किशमिश का क्लोज़-अप
एक-जैसा रंग और भरे, बराबर दाने ऊँचे ग्रेड की पहचान हैं।

भारत में किशमिश के लिए कोई एक राष्ट्रीय ग्रेड चार्ट नहीं है जिसे हर व्यापारी अपनाता हो। ग्रेड खरीदार और विक्रेता के बीच तय होते हैं और आम तौर पर रंग, साइज़, आकार और सफ़ाई से बताए जाते हैं — कभी-कभी A, AA, AAA या “नंबर 1 / नंबर 2” जैसे व्यापारिक नामों के साथ। ज़रूरी यह है कि कोटेशन का विवरण मिलने वाले लॉट से मेल खाए।

1. किस्म और रंग

पहले लॉट को किस्म और रंग से छाँटा जाता है — हरी, पीली, सुनहरी, भूरी या काली। प्रीमियम लॉट एक-जैसा दिखता है: एक ही रंगत के दाने, बीच-बीच में गहरे या फीके दाने नहीं। बेकरी और प्रोसेसिंग ग्रेड में मिले-जुले रंग चल जाते हैं।

2. साइज़ और आकार

लंबे और गोल दाने अलग रखे जाते हैं, फिर साइज़ से छाँटे जाते हैं। बड़े, एक-जैसे, भरे हुए दाने ऊँचे ग्रेड में जाते हैं; छोटे, पतले या असमान दाने निचले ग्रेड में। सटीक स्पेसिफिकेशन चाहिए तो प्रति 100 ग्राम दानों की गिनती पूछें।

3. सफ़ाई

अच्छे लॉट से डंठल, कैप (छोटी डंडी), धूल, रेत, कंकड़ और टूटे या खराब दाने हटाए जाते हैं। कार्टन खोलते ही सबसे पहले यही देखें।

4. नमी और छूने पर एहसास

किशमिश नरम और लचीली होनी चाहिए, पर चिपचिपी-गीली नहीं। बहुत सूखी किशमिश सख़्त लगती है; ज़्यादा नमी से भंडारण में गुच्छे बनते हैं और खराबी आती है। आपके बाज़ार में नमी की सीमा हो तो लॉट की लैब जाँच मांगें।

5. स्वाद और गंध

साफ़, मीठा अंगूर जैसा स्वाद। खमीर, खट्टी या सीलन जैसी गंध वाले लॉट न लें।

6. पैकिंग और लेबल

थोक किशमिश आम तौर पर फूड-ग्रेड लाइनर वाले कार्टन में और रिटेल किशमिश पाउच में पैक होती है। हर कार्टन पर किस्म, ग्रेड और लॉट लिखा होना चाहिए।

दो लॉट की तुलना कैसे करें

  1. कार्टन के ऊपर, बीच और नीचे से एक-एक मुट्ठी लें।
  2. रंग की एकरूपता और दानों का साइज़ साथ रखकर देखें।
  3. तय वज़न में डंठल, कैप और टूटे दाने गिनें।
  4. कुछ दाने दबाकर देखें — नरम और लचीले अच्छे हैं; चिपचिपे या सख़्त नहीं।
  5. चखें और सूंघें।

विजयपुरा की हमारी फैक्टरी में हम इन्हीं जाँचों से ग्रेड करते हैं और हर कोटेशन पर किस्म व ग्रेड लिखते हैं। किशमिश की किस्में देखें।

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